बिनवारी गाउँको यात्रा
बिनवारी गाउँको यात्रा – प्रकृतिको काखमा बिताएका अविस्मरणीय पलहरू लालझाडी गाउँपालिका–१ मा पर्ने बिनवारी गाउँ प्राकृतिक …
"भकुन्डा नक्ता बाबा मेला" भकुन्डा गाउँम गंगा दसहराके बेला, नक्ता बाबा मेलाके रमाइलो कुछ फरक रहे । डुर डुरसे म…
पुरान परम्पराहे ओ सोचहे चुनौती एक समयकके बाट हो, एकठो गाउँमे एक अद्भुत सुन्दरी लौन्डी रहिन, हुँकार नाम रुपनी रहिन । उ छ…
नाट सग्गे साली पर्ना जन्निक छोट्कि बहिन्या । उहे साली हुइन डुल्हि हेरेगैल मे डबोट् डबोट जाँरक झोर पिओइया । पिना बा टे प…
कथा काल्पनिक हो , केकरो जिन्गिम मिलिकलेसे केवल संयोग सम्झबि । " उ टर्नि उहिहे पकर्लिन ओ गलचुम्मा लेलिन, ओ निर्लज्ज…
पनभक्टा रठिस ओकर नाउँ पहिले छोटभर अपनडाइक संग मामन घर रहठ् खेलट कुडट् जवान हुइट् डेख्ना मे बरे टेलार बिल्गाइट् छट्पट्हा…
नमस्ते स्वागत छ यस नयाँ कहानि मा। धन्यवाद ! बच्चाक रुवाइ अइसिन रुवाइ कि मन छुना मेरिक । उ नाटे सुफ्लैलेक् सुफ्लट नाटे द…
चा रुओर भोजाहा नेउटा बट्ना सुरु हुइल रहठ । डिन ठेगान जम्मा मिलाइल रहठ । करुणा के भोजक हुकार घरेम चहलपहल मचल रठिन । करिब…
कोठा रगटके बुँडै बुँडा रहट । भित्ताफे रगट रगटै एक ओर बेहोशमे काजल ढर्टी म ढलल रठिन बेहोशमे रठि । हाँ काजल बेहोश अवस्ठाम…
नमस्ते स्वागत छ यस नयाँ कहानी मा । धन्यवाद ! ठारु बस्टी पघरी लागल घर रहट । उह फेन हर घरक अंगना जोरल । सोनिया ओ सुरज के …
नमस्ते स्वागत छ यस नयाँ कहानी । धन्यवाद ! जुगुर जुगुर चुल्हामे आगि बर्टि रहठ । सन्ढया घरि घरि चुल्हम लकेरल काठिहे ठिट्क…
सावनके महिना बर्खा खोप मचल रहट । बड्री ठरकटटे गीटा झसक्के जागजिठिन । ओ चिमचाम पला रठिन । घरीमे समय हेर्ठी ठिक्के राटिक …
एकठो सुन्डर जोरीया, एक परिवारके शुरु हुइठ । डुनु जहनके सोंचाइ रठिन हमार एकठो छावा जल्मे । टर पहिले सन्टान छाइ हुइठिन । …
साँझ परट ढिरे ढिरे अंढारफेन हुइटि जाइट । राट छिप्टि जाइट । गाउँ सुनसान हुइटी रहट । डगरमे नेङ्गना मनैनके कमि हुइटी रहट ।…
बिनवारी गाउँको यात्रा – प्रकृतिको काखमा बिताएका अविस्मरणीय पलहरू लालझाडी गाउँपालिका–१ मा पर्ने बिनवारी गाउँ प्राकृतिक …