डाइ से छा बोक्सिन कना कन्है ते सुन्ले हुइबि इ कन्है मिर्चक बारेम हो । थारुनके बस्टिक् ठाउँ अन्सार कोइ मिर्चा कहट् टे कोइ पिप्पर फेन कठैं । इ मिप्पर के बहुट कथा कहानि सुने मिलट् इ मसालासे लेके बहुट् चिजमे बेल्सल डेखजाइट् ।
मिर्चाके कुछ महत्व असिन बटिस सुन जाइट् मिर्चा लजर उतर्ना काम करट् कोइ कोइ काइल मिर्चा गुठ्के डुवारिक पिस्नि पर (चौखुट्) झुलाइल रठैं टेम कोइ सुखाइल मिर्चा आगिम डारके घर ढुँगर्ठैं डग्गर घाटमे फेन ढुँगारल डेखजाइट् इ सब कार्यके अपन अपन विचार आस्था बिस्वास बिटिस ।
अट्रेकिल नाहि इ खेल्वार कर्ना, डुर्ओइना, बड्ला ओ चेटावनी के लाग फेन बेल्सल डेखजाइट् । कोइ कोइ जाटिनके चलनमे भोजेम मिर्चा ढुँगारके लौला डुल्हासे ख्ल्वार करल डेखजाइट् । अस्टे खेल्होर्या मनै खैना चिजमे ढेर मिर्चा डारे फेन खेल्वार कर्ठैं । कोइ कोइ मिर्चक नाउँ लेके डुर्वाठैं मिर्चा लगाडेम कहिके ।
मिर्चा एक परकार मसाला हो जोन हर भन्सम जरुर रहट् । मिर्चा हे कचौरक नाउँ से जन्ठैं । खैना चिजके संग काइल ओ भुजल मिर्चक कचौरा बरे मजा लागट् ।
मिर्चक जाट ढेर मरिक बटिस कोइ टिना, अचार, चट्नि बनाइ मिलट् कलेसे कोइ चाटे नै सेक्ना मेरिक कोरि रहट् अोहे मारे डाइ से छाइ बोक्सिन कना कन्है बनाइल हुहिँ पुर्खा ।
मिर्चा जसिन टसिन ठाउँमे होजैना ओ सजिसे करे सेक्ना बालि हो । जहाँ टहाँ खोल्टि कोरके लगाडेलेसे होजाइट् । इ जाट मजा ठाउँ परट कलेसे ढेर बरस खवाइट् । सबसे चलल मिर्चक नाउ उपरटेरि हो जोन मिर्चक ठोंठि उप्पर रठिस । इ मिर्चा बरे कोरु रहट् ।
मिर्चा खेटि किसनहे घाटा नै लागेडेना खेटि हो । मिर्चा खेटि करुइया किसान कबुनै घब्रैठैं कहे कि मिर्चा पक्लेसे फेन सुख्वाके बर्सो सम बेल्से सेकजाइट ओ बेचे सेकजाइट । खेटि करके मिच्छाइल मनै मिर्चक खेटि कर्के सुख पाई सेकट् मिर्चा नोक्सान कुइना कम सम्भावना सरट् । मिर्चा लम्मा समय सम खओइना बालि हुइक मारे घरि घरि लागाइ नै परट् ।
डाइ से छाइ बोक्सिन कलक् काहो ? मिर्चा हो । धन्यवाद!
संगम चौधरी.....✍️